‘‘रोड़वंशी आर्यवीरो! तुम्हारे कन्धों पर ही आर्यावर्तीय वैदिक संस्कृति की रक्षा का भार है।’’
-स्वामी सत्यानंद
स्वामी सत्यानन्द
स्वामी सम्पूर्णानन्द‘‘हे रोड़वंश में उत्पन्न योद्धाओं की सन्तानों! तुम आर्यों के वंशज हो। अपने पूर्वजों के बताए हुए मार्ग पर चलो।’’
-स्वामी संपूर्णानन्द
‘‘रोड़वंशियों! तुम्हारे खून में गाय के अमृत रूपी दूध का अंश है। आओ, भारतीय संस्कृति की अमर धरोहर गऊमाता की रक्षा का संकल्प लें।’’
-स्वामी यतीश्वरानन्द
स्वामी यतीश्वरानन्द